धायरी ची शायरी!

धायरी ची शायरी!

#Dhayari Chi Shayari  #बेलगाम शायरी

धायरी पुण्यापासून कितीही लांब असलं तरी…. ये शायरी आपके दिल के पास रहेगी..

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खामोशी को हमारी गुमनामी मत समझना,

कही-सुनी को सच्चाई मत समझ लेना,

पलट कर देखो इतिहास के पन्ने जरा,

अंजानो की शूरता अनदेखी मत करना!!!
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प्यार भरे मौसम में क्यों बैठी हो उदास

देखो मेरी आखों में बुझा लो अपनी प्यास,

हर दम इतना प्यार मुझसे पाओगी,

गम छोडकर इष्क में डूब जाओगी,

जश्न होगा फिर मोहब्बत का

अंत हो जाएगा तनहाई का,

बादलो से पाणी बरसेगा ऐसे

दिलो को दिलो से मिला रहा हो जैसे,

होठोन को तुम मेरे चुम लो

बाहों को बाहों से मिलने दो

छोड दो दुनिया के बंधनो को

आओ, और हसीन बनादे मौसम को…!

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रूठणा तो काम है जनाब का,

फुलों से प्यारा रंग है आपका,

होते कौन है हम आपको बताने वाले,

पर धूप में ना घुमो… तेरा गोरा रंग काला हो रहा है साले!!!!!!!!!!

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