धायरी ची शायरी!!!

धायरी ची शायरी!!!

महरबान कदरदान आपके लीए पेश है ‘सनम बेवफा’ का फर्मान… शराब में डुबकर और गम में बहकर रातो को जागने वालो के लिए हमारी हमदर्द भरी शायरी… तो लुत्फ उठाना ना भुलना और मजा ना आये तो पत्थर उठाना ना भुलना….

#अंदाज ए शायर…. Bewafa Shayari Ki Kasam

तेरे साथ होणे से बहोत फर्क पडता है,

बेदर्दी हटती है, इंतेजार थमता है,

मानो या न मानो, नशा चढता है

और समा सुहाना हो जाता है!!!

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दूर हो तुम मुजसे, दूर ही रहो

जिंदगी से चली गयी यादें भी लेती जाओ

अपनी हसीन मुस्कान, नशिली आखें कुछ नही चाहीये

बस तेरे ना होने का सुकून चाहीये

चाहत भरी शरारात भी ले जाओ

आहट भरी नजरे भी ले जाओ

गलती से हुवा स्पर्श ले जाओ

सोचे-समझे वादे ले जाओ

बस सुकून मुझे छोड दो

तेरा ना होणा सजा नही

होते हुवे भी ना नजरे चुराना मंजूर नही

ले जाओ… आंखो से आसू और दिल से दर्द ले जाओ

गानों की गुणगुनाहट और दिन के सपणे ले जाओ

बस्स रात की नीन्द छोड दो!!!

रीत जगत की ले जाओ, प्रेम दिल का ले जाओ

बस्स होठों की मुस्कान छोड जाओ!!!

जाओ अब तो दिल से निकल जाओ… जीने दो आसमान के नीचे बेहने दो…

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