गाव सोडताना…

मराठी कथा  ||   मराठी साहित्य   ||  स्वलेखन  ||  Marathi Stories  || भावविश्व  || मनातलं काही वजह होती है जीने की, बस जीतेही जाना है. .. ये दुनिया भी एक गांव है, कभी इसे भी छोडके जाना है!  कभी मुकाम बदले, मंजिल नही बदलती. .. राह भी बदल सकती है, कंबख्त यादे नही बदलती. … Continue reading गाव सोडताना…